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Bihar News: राजस्व विभाग का बड़ा एक्शन, 12 और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई, दो महीने में 82 पर गिरी गाज

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Alam Ki Khabar: बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 12 और अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि दो महीने में 82 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितता के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है।

पटना, 29 जुलाई। आलम की खबर:बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है। विभाग ने राज्य के अलग-अलग जिलों में कार्यरत 12 राजस्व अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। इस नई कार्रवाई के बाद पिछले लगभग दो महीनों में कार्रवाई का सामना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है। विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही, अनियमितता और सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्ती जारी रहेगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। विभाग में "जीरो टॉलरेंस" की नीति लागू है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विभागीय समीक्षा, शिकायतों की जांच और प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुछ अधिकारियों पर विभागीय आरोप पत्र गठित किए गए हैं, जबकि कई अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने सहित अन्य अनुशासनात्मक दंड लगाए गए हैं। कुछ मामलों में विभागीय जांच की प्रक्रिया अभी जारी है।

जिन अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित किए गए हैं उनमें मुंगेर भू-अर्जन कार्यालय के राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो अरविंद कुमार, वैशाली के राघोपुर अंचल अधिकारी दीपक कुमार तथा मधुबनी जिले के बिस्फी की तत्कालीन अंचल अधिकारी वंदना कुमारी शामिल हैं। इन मामलों में विस्तृत जांच आगे भी जारी रहेगी।

इसके अलावा गोपालगंज सदर के अंचल अधिकारी रजत कुमार वर्णवाल, सारण के एकमा अंचल अधिकारी अमलेश कुमार, औरंगाबाद के गोह के तत्कालीन अंचल अधिकारी विश्वजीत नीलांकर, औरंगाबाद के तत्कालीन अंचल अधिकारी अंशु कुमार सिंह तथा समस्तीपुर के कल्याणपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजन कुमार पर वेतन वृद्धि रोकने सहित विभिन्न विभागीय दंड लगाए गए हैं।

पश्चिम चंपारण के रामनगर के तत्कालीन अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर के कुढ़नी के तत्कालीन अंचल अधिकारी रणभू ठाकुर, वैशाली के हाजीपुर की तत्कालीन अंचल अधिकारी अंजली कुमारी तथा रोहतास के सासाराम के तत्कालीन अंचल अधिकारी सुधीर कुमार ओंकारा के खिलाफ भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में नियमानुसार जांच कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद लंबित मामलों की लगातार समीक्षा कराई जा रही है। इसी क्रम में दो महीने के भीतर 82 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें दाखिल-खारिज में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, सरकारी कार्यों में लापरवाही और विभागीय निर्देशों की अनदेखी जैसे आरोप शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की वजह से जनता को परेशानी होती है या सरकारी कार्य प्रभावित होता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरा संरक्षण और सहयोग दिया जाएगा।

राजस्व मंत्री ने दोहराया कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पूरे राजस्व तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता की संस्कृति विकसित करना है ताकि लोगों को दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, भू-अर्जन और अन्य सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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विशेष टिप्पणी

राजस्व विभाग की लगातार कार्रवाई यह संकेत देती है कि सरकार प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। यदि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो इससे सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों का भरोसा मजबूत होगा। हालांकि यह भी जरूरी है कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को अनावश्यक कार्रवाई का सामना न करना पड़े और दोषियों के खिलाफ प्रमाण के आधार पर ही निर्णय लिया जाए।

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